Latest Stories Opinion JOB - EDU Entertainment Agriculture TECHNOLOGY Sports BIOGRAPHY LIFESTYLE

अमेरिकी टैरिफ से मचा वैश्विक तूफान: 50 से अधिक देश चाहते हैं सीधी बातचीत

अमेरिकी टैरिफ से मचा वैश्विक तूफान दुनिया भर में व्यापारिक असंतुलन का कारण बन रहा है, जिससे 50 से अधिक देश अमेरिका से वार्ता के लिए तैयार हैं।इस फैसले से चीन समेत कई देशों ने जवाबी टैरिफ लगाए हैं, जिससे वैश्विक मंदी और ट्रेड वॉर की आशंका गहराई है।

अमेरिकी टैरिफ से मचा वैश्विक तूफान अब सिर्फ एक आर्थिक निर्णय नहीं रहा, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और व्यापारिक मुद्दा बन चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए आयात शुल्क ने विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में हलचल मचा दी है। इस निर्णय के बाद 50 से अधिक देशों ने अमेरिका से संपर्क साधा है ताकि बातचीत के ज़रिए व्यापारिक संतुलन को बहाल किया जा सके।

ट्रंप प्रशासन की नई नीति के अनुसार, कुछ आयातित वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाया गया है, जिससे उन देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है जो अमेरिका में निर्यात पर निर्भर हैं। इस मुद्दे ने वैश्विक स्तर पर चिंता का माहौल खड़ा कर दिया है।

वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज़

इस सप्ताह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वाइट हाउस पहुंचने वाले हैं, जहां वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ इन टैरिफ पर बातचीत करेंगे। जापान, जर्मनी, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे देश भी इस नीति को लेकर अमेरिका से सीधी चर्चा की तैयारी में हैं।

ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे अमेरिका के साथ शून्य टैरिफ के आधार पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ताइवान की कंपनियां अमेरिका में अपने निवेश को और मज़बूती देंगी।

आर्थिक दबाव के बावजूद ट्रंप का सख्त रुख

Air Force One में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्हें अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि कोई परेशानी हो, लेकिन कभी-कभी किसी चीज़ को सुधारने के लिए कड़वी दवा जरूरी होती है।”

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यूरोप और एशिया के कई नेताओं ने उन्हें कॉल करके टैरिफ कम करने की अपील की है, लेकिन उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि जब तक अमेरिका को हर साल पर्याप्त आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा, तब तक बातचीत संभव नहीं है।

whatsapp logo Follow The Jan Post Whatsapp Channel

🇨🇳 चीन का करारा जवाब

चीन ने अमेरिकी टैरिफ के जवाब में अपने आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा कर दी है। इससे व्यापार युद्ध और मंदी की आशंका और भी तेज़ हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह टकराव आगे बढ़ा तो यह वैश्विक व्यापारिक ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचा सकता है।

क्या ये रणनीति है या दबाव की राजनीति?

रविवार को ट्रंप के प्रमुख आर्थिक सलाहकारों ने टीवी पर कहा कि यह टैरिफ नीति अमेरिका को फिर से वैश्विक व्यापार में अग्रणी बनाने के लिए बनाई गई है। यह सिर्फ एक व्यापारिक कदम नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की “अमेरिका फर्स्ट” नीति का अहम हिस्सा है।

विशेषज्ञों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय वैश्विक निवेशक भ्रम की स्थिति में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि यह नीति अस्थायी है या दीर्घकालिक रणनीति। लेकिन एक बात स्पष्ट है—”अमेरिकी टैरिफ से मचा वैश्विक तूफान” अब केवल कागज़ों में नहीं है, बल्कि इसका असर ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है।

Stay updated with the latest news! Don’t forget to follow us. X (Formerly Twitter), WhatsApp Channel, Telegram, Facebook


Written by: The Jan Post
The Jan Post एक वैकल्पिक और स्वतंत्र मीडिया प्लेटफ़ॉर्म है, जो भारत में जन-सरोकारों की आवाज़ को सामने लाने और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। हमारा लक्ष्य उन विषयों, वर्गों और जमीनी मुद्दों को उजागर करना है, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा की मीडिया पर्याप्त स्थान नहीं देती। हम राजनीति, शिक्षा, खेल, मनोरंजन, विदेश समाचार, विशेषज्ञों की राय और समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों की प्रेरक कहानियाँ आपके सामने लाते हैं। The Jan Post का उद्देश्य निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों को जागरूक करना और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है।

Leave a comment