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“मानसिक रूप से अस्वस्थ? सार्वजनिक मंच पर नीतीश कुमार का महिला से अभद्र व्यवहार!”

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में महिला से किए गए व्यवहार पर विवाद खड़ा हो गया है। आरजेडी ने इसे अभद्र आचरण बताते हुए उनके मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाए हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनके व्यवहार को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने कड़ा एतराज जताया है। विपक्षी दल ने इसे “अभद्र आचरण” करार देते हुए सवाल उठाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक वितरित किए गए।

इसी क्रम में एक महिला लाभार्थी मंच पर पहुंची, लेकिन वह तस्वीर खिंचवाने को लेकर झिझक रही थी। तभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उसका हाथ पकड़कर खींचा और फोटोग्राफरों के सामने खड़ा कर दिया। इसके बाद उन्होंने महिला के कंधे पर हाथ रख दिया। यह पूरी घटना कैमरों में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

आरजेडी का हमला

आरजेडी ने इस वीडियो को साझा करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “देखिए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किस आपत्तिजनक तरीके से एक महिला को अपनी ओर खींच रहे हैं, और गृह मंत्री अमित शाह यह सब देख रहे हैं!”

इसके साथ ही पार्टी ने आरोप लगाया कि “मुख्यमंत्री मानसिक रूप से अस्वस्थ हो चुके हैं और भाजपा उनकी मजबूरी का फायदा उठा रही है।”

राजनीतिक तूफान या महज आरोप?

आरजेडी लंबे समय से नीतीश कुमार की कार्यशैली और व्यवहार पर सवाल उठा रहा है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री की निर्णय क्षमता अब पहले जैसी नहीं रही और उनके सार्वजनिक व्यवहार को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

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विपक्ष ने इस विवादित वीडियो को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा, “क्या 2005 से पहले किसी मुख्यमंत्री ने ऐसा किया था? यह सब तभी हुआ जब मैं सत्ता में आया।”

बीजेपी-जेडीयू की चुप्पी और संभावित असर

इस विवाद को लेकर अब तक जेडीयू या बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार सवाल केवल राजनीति का नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के व्यवहार का भी है। अब देखना यह होगा कि जेडीयू और बीजेपी इस पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या मुख्यमंत्री खुद इस मामले में कोई सफाई देंगे।

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Written by: The Jan Post
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