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INS सूरत ने समुद्र में 18 लोगों की जान बचाई: सिंगापुर के जहाज़ में लगी आग

आईएनएस सूरत, भारत के एआई युद्धपोत ने केरल के पास एक जलते हुए सिंगापुरियाई जहाज से 18 नाविकों को बचाया, जो भारत की समुद्री बचाव क्षमताओं को उजागर करता है।

9 जून 2025 को केरल के बेयपोर तट से 78 समुद्री मील दूर सिंगापुर के कंटेनर जहाज़ MV वान हाई 503 में भीषण आग लग गई। जहाज़ पर 22 सदस्य थे, जिनमें से 18 ने आग के बढ़ने पर समुद्र में कूदकर जान बचाई। भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS सूरत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन 18 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया और रात 10:45 बजे न्यू मंगलूर पोर्ट पहुंचाया। बचाए गए नाविकों में 8 चीनी, 4 ताइवानी, 4 म्यांमार और 2 इंडोनेशिया के नागरिक थे। 6 लोग घायल थे, जिनमें 2 की हालत गंभीर थी। सभी घायलों को मंगलूरु के AJ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि बाकी को होटल में ठहराया गया।

INS सूरत: भारत का पहला AI युक्त युद्धपोत

INS सूरत प्रोजेक्ट 15B के तहत बना भारतीय नौसेना का सबसे आधुनिक विध्वंसक पोत है। यह 164 मीटर लंबा, 7,400 टन वजनी और 30 समुद्री मील से अधिक की रफ्तार से चलने में सक्षम है। इसमें 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है और यह भारत का पहला कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस युद्धपोत है। इसमें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, ब्रह्मोस, बराक-8, और टॉरपीडो जैसी आधुनिक हथियार प्रणालियां हैं। INS सूरत को 15 जनवरी 2025 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इसका निर्माण मुंबई के मज़गांव डॉक शिपबिल्डर्स ने किया है।

बचाव अभियान की चुनौतियां

बचाव के दौरान सबसे बड़ी चुनौती जलते हुए जहाज़ के पास पहुंचना और लगातार हो रहे विस्फोटों के बीच नाविकों को बचाना था। जहाज़ पर 620 कंटेनर थे, जिनमें कई खतरनाक पदार्थ भी थे। भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने मिलकर अभियान को सफल बनाया। MV वन मार्वल ने सबसे पहले समुद्र में तैर रहे नाविकों को बचाया, बाद में INS सूरत ने उन्हें अपने जहाज़ में लिया।

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और कूटनीतिक संबंध

इस घटना में भारत और सिंगापुर के बीच बेहतरीन समुद्री सहयोग देखने को मिला। सिंगापुर के उच्चायुक्त और समुद्री प्राधिकरण ने भारतीय नौसेना की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। घटना की जांच भी जारी है।

तकनीकी क्षमताएं और भविष्य की तैयारी

INS सूरत में लगी AI प्रणाली जहाज़ की परिचालन क्षमता को कई गुना बढ़ाती है। आधुनिक सेंसर, रडार और हथियार प्रणालियां इसे बहुआयामी खतरों से निपटने में सक्षम बनाती हैं। यह जहाज़ भारत की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत नीति का प्रतीक है।

सूरत शहर का गौरव और नौसैनिक परंपरा

INS सूरत का नाम गुजरात के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर सूरत पर रखा गया है, जो भारत की समुद्री परंपरा का प्रतीक है। जहाज़ के प्रतीक चिह्न में हज़ीरा लाइटहाउस और एशियाई शेर दर्शाए गए हैं। 1 मई 2025 को गुजरात स्थापना दिवस पर सूरत शहर में इसका भव्य स्वागत हुआ।

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समुद्री सुरक्षा में भारत की भूमिका

यह घटना दिखाती है कि भारतीय नौसेना न सिर्फ भारतीय जल क्षेत्र में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में भी मानवीय सहायता और समुद्री सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार है। INS सूरत जैसे आधुनिक युद्धपोत भारत की समुद्री शक्ति और तकनीकी क्षमताओं को नई ऊँचाई पर ले जा रहे हैं।

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रीतु कुमारी The Jan Post की एक उत्साही लेखिका हैं, जिन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई बीजेएमसी (BJMC), JIMS इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड टेक्निकल कैंपस ग्रेटर नोएडा से पूरी की है। वे समसामयिक समाचारों पर आधारित कहानियाँ और रिपोर्ट लिखने में विशेष रुचि रखती हैं। सामाजिक मुद्दों को आम लोगों की आवाज़ बनाकर प्रस्तुत करना उनका उद्देश्य है। लेखन के अलावा रीतु को फोटोग्राफी का शौक है, और वे एक अच्छी फोटोग्राफर बनने का सपना भी देखती है। रीतु अपने कैमरे के ज़रिए समाज के अनदेखे पहलुओं को उजागर करना चाहती है।

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