लेटेस्ट ख़बरे विधानसभा चुनाव ओपिनियन जॉब - शिक्षा विदेश मनोरंजन खेती टेक-ऑटो टेक्नोलॉजी वीडियो वुमन खेल बायोग्राफी लाइफस्टाइल

कांग्रेस का इतिहास: जो जान गया, वह पक्षधर नहीं रह सकता

कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए लेख में कहा गया है कि पार्टी ने हमेशा ऊँची जातियों का पक्ष लिया, दलित-पिछड़ों की उपेक्षा की और मंडल आरक्षण लागू होने पर विरोध जताया।

जो युवा कांग्रेस का इतिहास जान लेगा, वो जीवन में कांग्रेस का पक्षधर नहीं रहेगा। बावजूद इसके कि नेहरू ने कांग्रेस के झंडे तले देश के लिए आज़ादी की लड़ाई लड़ी, फिर भी वह कांग्रेस का समर्थक नहीं हो सकेगा।

कांग्रेस में तथाकथित ऊँची जातियों का सदैव वजूद रहा। आज़ादी से पहले सामंती दौर था। भले ही अंग्रेज ऊँची जातियों सहित समस्त जातियों को पीटते थे, लेकिन ऊँची जातियाँ अपनी सामंती, मनुवादी हनक सदैव दलितों और पिछड़ों पर दिखाती रहीं। उन्हें पीटती रहीं, प्रताड़ित करती रहीं।

लोक समाज व कवियों-साहित्यकारों की मानें, तो ऊँची जातियों के लोगों में पशुता चरम पर थी। निचली जातियों के साथ कुटिलता, ब्याजखोरी, दबंगई, उनकी बहन-बेटियों से छेड़छाड़ और ज़बरन रेप जैसी घटनाएँ आम थीं।

मशहूर कवि अदम गोंडवी, जो स्वयं ऊँची जाति से थे, उनकी कविता चमारों की गली उस समय की परिस्थितियों का स्पष्ट वर्णन करती है। बॉलीवुड वालों ने भी बड़ी हिम्मत और वफादारी से ये सब दर्शाया।

यह सब कांग्रेस और नेहरू-गांधी के दृष्टिकोण में कभी आया ही नहीं, न ही उन्होंने इन मुद्दों पर चिंतन किया।

अंग्रेज तो चले गए, लेकिन दलितों-पिछड़ों पर अत्याचार का कहर थमने की बजाय बढ़ता चला गया। कांग्रेस जितने अधिक दिन सत्ता में रही, उतनी ही ज़्यादा अंधी और बहरी होती चली गई।

whatsapp logoद जन पोस्ट चैनल को फॉलो करें

यह कड़वा सच है कि अधिक दिन सत्ता में रहने से शासक तानाशाह हो जाता है, और उसके समर्थक अहंकारी हो जाते हैं।
कांग्रेस की नाक के नीचे हज़ारों-करोड़ों लड़कियों के साथ फूलन जैसा व्यवहार हुआ, और एक फूलन डाकू बनी। उसकी ज़िंदगी नष्ट हो गई, लेकिन कांग्रेस अंधी रही। उसने नहीं जाना कि उसके शासन में क्या चल रहा है।

1948 से 1990 तक कांग्रेस ने पिछड़ों का हक़ आराम से ऊँची जातियों को खिला दिया। उसे कभी पिछड़ों की चिंता नहीं हुई।
सारे सरकारी महकमे, पंचायत स्तर से लेकर सदन तक, सब ऊँची जातियों के कब्जे में थे।

जब 1990 में नेताजी मुलायम सिंह यादव और लालू जी के प्रयास से वी.पी. मंडल की रिपोर्ट लागू हुई और पिछड़ों को आरक्षण मिला, तब कांग्रेस और भाजपा दोनों को दिक्कत हुई। और कांग्रेस ही थी जिसने ऊँची जातियों के प्रति हमदर्दी दिखाई और उन्हें EWS के तहत 10% आरक्षण का वादा किया।

कांग्रेस की यही हकीकत
हमें भी चुभती है।

ताज़ा खबरों से अपडेट रहें! हमें फ़ॉलो जरूर करें X (Formerly Twitter), WhatsApp Channel, Telegram, Facebook रियल टाइम अपडेट और हमारे ओरिजिनल कंटेंट पाने के लिए हमें फ़ॉलो करें


अनिल यादव एक वरिष्ठ पत्रकार हैं जो Anil Yadav Ayodhya के नाम से जाने जाते हैं। अनिल यादव की कलम सच्चाई की गहराई और साहस की ऊंचाई को छूती है। सामाजिक न्याय, राजनीति और ज्वलंत मुद्दों पर पैनी नज़र रखने वाले अनिल की रिपोर्टिंग हर खबर को जीवंत कर देती है। उनके लेख पढ़ने के लिए लगातार The Jan Post से जुड़े रहें, और ताज़ा अपडेट के लिए उन्हें एक्स (ट्विटर) पर भी फॉलो करें।

Leave a Comment