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शेयर बाजार की छुट्टियाँ 2025: अम्बेडकर जयंती पर आज बंद रहेंगे NSE और BSE

शेयर बाजार की छुट्टियाँ 2025: अम्बेडकर जयंती पर आज NSE और BSE बंद रहेंगे, जिससे ट्रेडर्स को लंबे वीकेंड का लाभ मिलेगा। इस हफ्ते गुड फ्राइडे को भी बाजार में अवकाश रहेगा।

Reviewed byअनिल यादव Entrance Fever Expert

शेयर बाजार की छुट्टियाँ 2025: अम्बेडकर जयंती के शुभ अवसर पर आज भारतीय शेयर बाजार यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पूरी तरह बंद रहेंगे। हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली अम्बेडकर जयंती, संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के पुरोधा डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने का दिन होता है। इस दिन को राष्ट्रीय महत्त्व के अवकाश के तौर पर मनाया जाता है और इसी कारण वित्तीय गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ता है।

बीते कुछ हफ्तों से भारतीय शेयर बाजार लगातार अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए रणनीति बनाना कठिन होता जा रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापारिक नीतियों में बार-बार बदलाव, टैरिफ लागू करने और फिर स्थगित करने जैसी घोषणाओं ने वैश्विक बाजार को असमंजस में डाल दिया। इन घटनाओं की प्रतिध्वनि भारत के शेयर बाजारों में भी साफ़ सुनाई दी, जहां हर बड़ी विदेशी खबर पर निवेशक प्रतिक्रिया देते रहे। ऐसे में, यह लंबा वीकेंड न केवल ट्रेडर्स को एक ब्रेक देगा, बल्कि उन्हें सोचने और बाजार को फिर से पढ़ने का अवसर भी देगा।

इस सप्ताह बाजार केवल तीन दिन खुले रहेंगे। आज 14 अप्रैल को अम्बेडकर जयंती के कारण बाजार बंद हैं और सप्ताह के अंत में, 18 अप्रैल को गुड फ्राइडे के चलते एक और अवकाश रहेगा। इससे निवेशकों को सप्ताह में दो बार लगातार छुट्टियाँ मिलेंगी और वे बाजार की उथल-पुथल से कुछ राहत की सांस ले पाएंगे।

जहां NSE और BSE पूरी तरह से बंद हैं, वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) आज केवल सुबह के सत्र में ही खुलेगा। यह सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर तक चलेगा, लेकिन शाम का सत्र आज नहीं होगा। इससे कमोडिटी ट्रेडिंग में भी हल्की सुस्ती देखने को मिल सकती है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था। उन्होंने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज़ उठाई, शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाया और समानता के सिद्धांत को संविधान की आत्मा बना दिया। उनकी जयंती को सरकारी संस्थानों के साथ-साथ वित्तीय संस्थानों द्वारा भी मान्यता देना, उनके आदर्शों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

अगर 2025 के शेयर बाजार अवकाशों की बात करें, तो आने वाले महीनों में भी कई प्रमुख दिन ऐसे हैं जब ट्रेडिंग बंद रहेगी। इनमें 1 मई को मजदूर दिवस, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी, 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और दशहरा, 21 और 22 अक्टूबर को दिवाली और बलिप्रतिपदा, 5 नवंबर को गुरुपर्व और 25 दिसंबर को क्रिसमस शामिल हैं। इसके अलावा दिवाली के दिन विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र का आयोजन भी किया जाएगा, जिसकी तिथि और समय बाद में घोषित किया जाएगा।

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पिछले सप्ताह निफ्टी 50 ने जून 2024 के स्तरों तक गिरावट दर्ज की थी, लेकिन बाद में तेज़ रिकवरी देखने को मिली और सप्ताह का समापन केवल 0.33% की गिरावट के साथ 22,828 के स्तर पर हुआ। इस प्रकार बाजार ने खुद को कुछ हद तक संभालने का संकेत दिया है, हालांकि अभी भी तकनीकी दृष्टि से यह 21-दिन और 55-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। इस समय निवेशकों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि बाजार की दिशा अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक स्थायित्व के संकेत न मिलें, तब तक उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाना ही समझदारी होगी।

आज का दिन न केवल एक राष्ट्रीय नेता के सम्मान का है, बल्कि उन लाखों निवेशकों के लिए भी ज़रूरी ठहरता है जो बाजार की तेज़ चाल के बीच कुछ देर रुककर सोचने और रणनीति बदलने का मौका चाहते हैं। अम्बेडकर जयंती पर बाजार की यह खामोशी, शायद निवेशकों को एक नई दिशा में सोचने की प्रेरणा दे।

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Written by: The Jan Post
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